Khabrilal Live Desk: पटना, 12 अगस्त। बिहार की पुलिसिंग में कुछ ऐसे अफसर रहे हैं, जिनका नाम आते ही अपराधियों में खौफ और पुलिस महकमे में सतर्कता की भावना पैदा होती थी। 2005 बैच के IPS अधिकारी मनु महाराज (IPS Manu Maharaj) उन्हीं अफसरों में से एक हैं। अपनी दबंग छवि, सख्त कार्रवाई और अनोखे पुलिसिंग अंदाज के कारण उन्हें बिहार का ‘सुपरकॉप’ और ‘रियल लाइफ सिंघम’ तक कहा गया।

हिमाचल प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले मनु महाराज ने बिहार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। पटना के SSP के तौर पर उनका कार्यकाल खास तौर पर चर्चा में रहा। अपराधियों के खिलाफ अभियान हो या नक्सल प्रभावित इलाकों में कार्रवाई, वह अक्सर खुद फील्ड में टीम का नेतृत्व करते नजर आते थे।

IPS Manu Maharaj भेष बदलकर करते थे पुलिस की जांच

मनु महाराज (IPS Manu Maharaj) की पुलिसिंग का सबसे अलग अंदाज था अचानक निरीक्षण। वह कई बार आम आदमी का भेष बनाकर पुलिसकर्मियों की कार्यशैली जांचते थे।

एक चर्चित किस्से के मुताबिक, वह एक बार चेहरे पर गमछा बांधकर, चप्पल पहनकर और साइकिल से पुलिसकर्मियों के पास पहुंचे। उन्होंने खुद को मजदूर बताते हुए लूट की शिकायत की और मदद मांगी। पुलिसकर्मियों की बेरुखी सामने आने के बाद उन्होंने अपना चेहरा खोला और अपनी पहचान बताई। इसके बाद लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई।

जब SSP (IPS Manu Maharaj) ने ही ‘चुरा’ ली पुलिस की जीप

मनु महाराज से जुड़ा एक और किस्सा काफी चर्चित रहा। रात में पटना के कोतवाली थाने का निरीक्षण करते हुए उन्होंने देखा कि पुलिसकर्मी और ड्राइवर ड्यूटी के दौरान सो रहे थे। इसके बाद वह पुलिस की जीप लेकर थाने से निकल गए और कई घंटे तक उसी जीप से शहर में घूमते रहे।

हैरानी की बात यह थी कि पुलिस महकमे को काफी देर तक जीप के गायब होने की जानकारी नहीं हुई। अगले दिन इस लापरवाही पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस घटना के जरिए मनु महाराज ने यह संदेश दिया कि पुलिस की ड्यूटी में छोटी सी लापरवाही भी बड़ी घटना का कारण बन सकती है।

BSSC पेपर लीक केस में IAS अधिकारी की गिरफ्तारी

मनु महाराज का नाम बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) पेपर लीक मामले में भी प्रमुखता से सामने आया। उनकी अगुवाई वाली SIT ने जांच के दौरान तत्कालीन BSSC अध्यक्ष और वरिष्ठ IAS अधिकारी सुधीर कुमार को गिरफ्तार किया था।

इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया कि कानून की नजर में कोई भी व्यक्ति पद और प्रभाव से ऊपर नहीं है। यही सख्त रवैया मनु महाराज की पुलिसिंग की पहचान बना।

मूंछों और ‘सिंघम’ स्टाइल ने IPS Manu Maharaj की बनाई अलग पहचान

मनु महाराज की घनी मूंछें, सख्त व्यक्तित्व और ऑपरेशन के दौरान खुद आगे रहने की आदत ने उनकी लोकप्रियता को और बढ़ाया। वह कई अभियानों में AK-47 के साथ फील्ड में नजर आते थे। उनकी इसी छवि के कारण लोग उन्हें ‘सिंघम’ के नाम से भी जोड़ने लगे।

बिहार से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद मनु महाराज ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) में भी जिम्मेदारी संभाली। हालांकि बिहार में बिताए उनके कार्यकाल की पुलिसिंग और उनके अनोखे अंदाज के किस्से आज भी लोगों के बीच चर्चा में रहते हैं।

मनु महाराज की कहानी सिर्फ एक सख्त पुलिस अधिकारी की कहानी नहीं है, बल्कि उस पुलिसिंग की कहानी है जिसमें अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ अपने ही महकमे की जवाबदेही को भी उतनी ही अहमियत दी गई।

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