Khabrilal Live Desk: 9 सितंबर, पटना। गांव की तस्वीर सिर्फ सड़कों, गलियों और विकास योजनाओं से नहीं बदलती, बल्कि तब बदलती है जब गांव की आवाज को समझने और उसे विकास की दिशा देने वाले लोग खुद नई सीख के साथ आगे बढ़ते हैं। बिहार के गांवों में यही बदलाव अब दिखाई दे रहा है। पंचायतों के जनप्रतिनिधि और कर्मी प्रशिक्षण के जरिए अपने काम को बेहतर तरीके से समझ रहे हैं, नई कार्यप्रणाली सीख रहे हैं और इस सीख को गांव के विकास में उतार रहे हैं। किसी के लिए यह प्रशिक्षण सरकारी योजनाओं को बेहतर ढंग से समझने का माध्यम है, तो किसी के लिए अपने गांव और वहां के लोगों के प्रति जिम्मेदारी निभाने का नया आत्मविश्वास। यही छोटी-छोटी सीख आज पंचायतों को मजबूत बनाने और गांवों में बदलाव की बड़ी कहानी लिख रही है।

पंचायतों के सशक्तीकरण पर जोर

उनके काम को बेहतर और सुदृढ़ करने और बिहार में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए पंचायती राज विभाग और बिहार राज्य पंचायत संसाधन संस्था (BSPRI) के माध्यम से जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मियों का नियमित प्रशिक्षण किया जाता है। पंचायती राज विभाग के प्रशिक्षण से जनप्रतिनिधियों और कर्मियों की क्षमता बढ़ रही है। इससे ग्राम पंचायतों में विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से बनाने और उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिल रही है।

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इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों एवं पंचायत कर्मियों को परिणाम-आधारित, विषय-आधारित और निरंतर प्रशिक्षण के माध्यम से सक्षम बनाना है, ताकि ग्राम पंचायतें सुशासन, पारदर्शिता, सहभागी विकास और स्थानीय सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकें।

Cascade Mode में हो रहा प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम Cascade Mode में चरणबद्ध तरीके से आयोजित किए जाते हैं। सबसे पहले राज्य स्तर पर कार्यशाला और प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण (ToT) होता है। इसके बाद जिला स्तर पर दो तरह के प्रशिक्षण आयोजित किए जाते हैं। पहला, प्रखंड स्तर पर प्रशिक्षण देने वाले प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण (ToT) और दूसरा, कार्यशाला/प्रशिक्षण। इसके बाद प्रखंड स्तर पर जनप्रतिनिधियों और पंचायत कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाता है।

प्रशिक्षण ले रहे कर्मचारी से जानिए

पंचायती राज विभाग, बिहार द्वारा समय-समय पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों से ग्राम पंचायतों को विकास योजनाओं के बेहतर एवं प्रभावी निर्माण में महत्वपूर्ण सहायता मिल रही है। प्रशिक्षण के माध्यम से जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित कर्मियों की क्षमता में वृद्धि हो रही है, जिससे पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की बेहतर योजना बनाने और उन्हें प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने में मदद मिल रही है।
~विकास रजक
प्रखंड कार्यपालक सहायक

~विकास रजक
प्रखंड कार्यपालक सहायक

पंचायती राज विभाग, बिहार द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण से जनप्रतिनिधियों एवं कर्मियों की क्षमता में निरंतर वृद्धि हो रही है। प्रशिक्षण के माध्यम से हम जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने का कार्य कर रहे हैं।
~कंचन कुमारी
लेखपाल-सह-आईटी सहायक

~कंचन कुमारी
लेखपाल-सह-आईटी सहायक

पंचायती राज विभाग, बिहार द्वारा जिला स्तर पर नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों एवं कर्मियों की क्षमता को और मजबूत किया जा रहा है, जिससे सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो और योजनाओं का लाभ बेहतर तरीके से आमजन तक पहुंच सके।
~विजय कुमार
पंचायत सचिव

~विजय कुमार
पंचायत सचिव

पंचायती राज विभाग द्वारा समय-समय पर आयोजित किए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों एवं कर्मियों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं। इन प्रशिक्षणों के माध्यम से पंचायतों के प्रभावी संचालन, बेहतर कार्यप्रणाली और विकास कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है।
~पूजा कुमारी
लेखपाल-सह-आईटी सहायक

~पूजा कुमारी
लेखपाल-सह-आईटी सहायक

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