Khabrilal Live Desk: पटना, 21 अगस्त। Bihar Film Scholarship-फिल्म निर्माण के क्षेत्र में आगे बढ़ने और बेहतर फिल्में बनाने के लिए सिर्फ प्रतिभा ही काफी नहीं है। इसके लिए सही प्रशिक्षण और फिल्म शिक्षा भी जरूरी है। फिल्म शिक्षा से विद्यार्थियों को कैमरा, पटकथा, निर्देशन और संपादन जैसी तकनीकी जानकारी के साथ-साथ रचनात्मक सोच और अपनी अलग दृष्टि विकसित करने का मौका मिलता है।

बिहार देश के सबसे युवा राज्यों में शामिल है। यहां की करीब 58 से 60 प्रतिशत आबादी 25 वर्ष से कम उम्र की है। बड़ी संख्या में युवा फिल्मों में रुचि रखते हैं। वे सिर्फ फिल्में देखना ही नहीं, बल्कि फिल्म बनाना भी चाहते हैं। उनमें प्रतिभा और कुछ नया करने का जुनून है, लेकिन सही प्रशिक्षण की फीस और दूसरे खर्च कई बार उनके रास्ते में बड़ी बाधा बन जाते हैं। ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं के लिए बिहार में अब नई राह तैयार की जा रही है।

बिहार धीरे-धीरे देश में फिल्म निर्माण के एक नए केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। इस दिशा में फिल्म शिक्षा को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी उद्देश्य से बिहार सरकार का कला, संस्कृति एवं युवा विभाग राज्य के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को फिल्म, कला और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए छात्रवृत्ति (Bihar Film Scholarship) प्रदान कर रहा है।

Bihar Film Scholarship: फिल्म शिक्षा से निखर रही प्रतिभा

बिहार सरकार की नई फिल्म प्रोत्साहन नीति, मुफ्त प्रशिक्षण व छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम द्वारा 47 प्रतिभाशाली छात्रों को 30 लाख रुपये से ज्यादा की स्कॉलरशिप दी गई है। यह छात्र एफटीआईआई पुणे , एसआरएफटीआई कोलकाता जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में फिल्म की बारीकियां सीख रहे हैं।

सुपौल जिला के रहने वाले आजाद झा मुंबई में रहते हैं और फिल्मी दुनिया से जुड़े हुए हैं। वह बताते हैं कि, “एक अच्छी फिल्म के पीछे कहानी, निर्देशन, कैमरा, लाइट, साउंड, एडिटिंग और कई दूसरे पहलुओं पर काम होता है। इन सभी चीजों को सही तरीके से सीखने के लिए प्रोफेशनल ट्रेनिंग जरूरी होती है। बिहार के जिन युवाओं को FTII और SRFTI में पढ़ने का मौका मिला है, वे अब इसी पूरी प्रक्रिया को करीब से समझ रहे हैं। फिल्म प्रोत्साहन नीति के तहत प्रदेश में स्वस्थ सिनेमा संस्कृति का विकास हो रहा है। “

Also Read: बिहार के मखाने की ग्लोबल उड़ान, ऑस्ट्रेलिया-कनाडा तक पहुंचा मिथिला का मखाना

Bihar Film Scholarship के तहत चयनित छात्र बताते हैं कि बिहार से निकलकर पुणे और कोलकाता जैसे शहरों के प्रतिष्ठित फिल्म संस्थानों तक पहुंचना हम जैसे युवाओं के लिए अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। लेकिन इस सफर में आर्थिक मदद भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। छात्रवृत्ति मिलने से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए फिल्म शिक्षा हासिल करना थोड़ा आसान हुआ है।

सरकार की इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर शिक्षा और प्रशिक्षण हासिल करने का अवसर मिल रहा है। इससे वे अपनी प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ फिल्म निर्माण के क्षेत्र में अपना करियर बनाने और अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। बिहार के युवाओं के लिए यह सिर्फ योजना नहीं, बल्कि फिल्म की दुनिया में कदम रखने का एक दरवाजा है। सपना देखना और उसको साकार करना अपने में बहुत बड़ी बात हैं।

Bihar Film Scholarship: क्या कह रहे चयनित छात्र

“इस छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से मुझे भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (FTII), पुणे में वीडियो एडिटिंग का अध्ययन करने का अवसर प्राप्त हुआ। यह मेरे लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय है कि मुझे देश के प्रतिष्ठित फिल्म संस्थान में अपनी रचनात्मक क्षमता को विकसित करने का अवसर मिला। मैं कला एवं संस्कृति विभाग का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने मेरी प्रतिभा पर विश्वास कर मुझे यह महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया। यह छात्रवृत्ति मेरे सपनों को साकार करने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल है।”
~निकेत कुमार (छात्र ,पटना)

निकेत कुमार (छात्र ,पटना)

“इस छात्रवृत्ति (Bihar Film Scholarship) योजना के माध्यम से मुझे भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (FTII), पुणे में साउंड रिकॉर्डिंग एंड साउंड डिजाइन का अध्ययन करने का अवसर प्राप्त हुआ। यह मेरे लिए गर्व और खुशी का विषय है कि मुझे देश-प्रतिष्ठित संस्थान में अपनी प्रतिभा और रुचि को निखारने का अवसर मिला। बिहार सरकार का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने मेरी प्रतिभा पर विश्वास कर मुझे यह अमूल्य अवसर प्रदान किया। यह छात्रवृत्ति मेरे सपनों को नई उड़ान देने वाली एक महत्वपूर्ण पहल है।”
~आदित्य राज (छात्र,नालंदा)

~आदित्य राज (छात्र,नालंदा)

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *