Khabrilal Live Desk: पटना, 25 अगस्त। प्रत्येक छात्र के लिए पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली (Bihar Exam Reform) का अर्थ है एक ऐसी व्यवस्था जहां परीक्षा की प्रक्रिया पूरी तरह स्पष्ट, समयबद्ध और भ्रष्टाचार-मुक्त हो, वही किसी भी सरकार का मुख्य कर्तव्य निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा करवाना है, ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रहे और योग्यता को सही सम्मान मिले।
इसी सोच के साथ पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार के अधीन विभिन्न परीक्षा बोर्ड, आयोगों, विश्वविद्यालयों एवं अन्य भर्ती एजेंसियों द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं में बड़े स्तर पर परीक्षा सुधार की अनुशंसा के लिए ‘परीक्षा सुधार पर एक विशेषज्ञ समिति’ का गठन किया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस आशय की अधिसूचना जारी की है।
Bihar Exam Reform: तीन महीने में सरकार को देगी रिपोर्ट
समिति तीन महीने में सरकार को अपनी अनुशंसाएं देगी और प्रश्न-पत्र लीक, नकल, हेराफेरी के साथ AI, डिजिटल तकनीक, साइबर सुरक्षा और CCTV निगरानी जैसे पहलुओं की समीक्षा करेगी। साथ ही समिति बिहार में परीक्षाओं के संचालन से जुड़े मौजूदा संस्थागत ढांचे और आधारभूत संरचनाओं की समीक्षा करेगी। परीक्षा बोर्डों, आयोगों, विश्वविद्यालयों, विभागों, जिला प्रशासन तथा परीक्षा केंद्रों की भूमिकाओं एवं जिम्मेदारियों की भी समीक्षा की जाएगी।
Bihar Exam Reform: पेपर लीक और नकल पर प्रभावी रोक पर जोर
परीक्षा व्यवस्था में सुधार (Bihar Exam Reform) के लिए गठित समिति का उद्देश्य परीक्षाओं को अधिक विश्वसनीय, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है। समिति पेपर लीक, नकल, फर्जी परीक्षार्थी और अन्य परीक्षा कदाचार पर प्रभावी रोक लगाने के साथ परीक्षा का समय पर आयोजन और परिणामों की समयबद्ध घोषणा सुनिश्चित करेगी। इसके साथ ही डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा के बेहतर उपयोग से परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और मजबूत बनाया जाएगा। समिति यह भी सुनिश्चित करेगी कि ग्रामीण, आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के छात्रों को किसी तरह का नुकसान न हो और सभी को समान अवसर मिले।
अपने प्रदेश में रहकर लड़कियों का पढ़ना अपने आप में एक सामाजिक क्रांति और आत्मबल का प्रतीक है। जब बेटियां अपने घर, समाज और परिवेश में रहकर शिक्षा ग्रहण करती हैं, तो यह केवल उनके व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे समाज की सोच को बदल देता है। ऐसे में अगर सरकार ऐसी शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाए, जहां भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की कोई जगह न हो, तो इसका सबसे बड़ा लाभ छात्राओं को मिलेगा। उन्हें अपनी मेहनत और योग्यता के आधार पर आगे बढ़ने का समान और सुरक्षित अवसर मिलेगा।
Bihar Exam Reform: छात्राओं ने बताया सरकार का कदम सराहनीय
“सरकार की ओर से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुधार के लिए पांच सदस्यीय विशेष समिति का गठन छात्रों के हित में एक सराहनीय कदम है। इससे परीक्षा प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही, परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों के मन में बनी शंकाओं को भी दूर किया जा सकेगा। एक छात्रा के रूप में मेरा मानना है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ने और अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगने से मेहनत और योग्यता के आधार पर आगे बढ़ने वाले छात्रों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। इससे छात्रों का अपनी मेहनत और परीक्षा प्रणाली पर भरोसा मजबूत होगा। सरकार का यह प्रयास बिहार की परीक्षा व्यवस्था में छात्रों का विश्वास बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।” ~राजनंदिनी कुमारी, छात्रा
“परीक्षा हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि हमारे पूरे साल की मेहनत का आकलन इसी के आधार पर होता है। ऐसे में परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित (Bihar Exam Reform) बनाने के लिए सरकार ने जो विशेष समिति बनाई है, मैं इसे सकारात्मक कदम मानती हूँ। इससे परीक्षा से जुड़ी कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करने पर काम हो सकेगा। सबसे अच्छी बात यह है कि इससे छात्रों के बीच यह भरोसा बढ़ेगा कि परीक्षा और रिजल्ट की प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से होगी। हमारे लिए सरकार की ऐसी पहल इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि जब व्यवस्था पर भरोसा होता है तो हम बिना किसी चिंता के अपनी पढ़ाई और तैयारी पर ध्यान दे पाते हैं।” ~प्रिया मिश्रा, छात्रा
“लड़कियों के लिए अपने प्रदेश में अगर शिक्षा व्यवस्था पारदर्शी और निष्पक्ष हो, तो उनमें यह आत्मविश्वास पैदा होता है कि मध्यमवर्गीय परिवारों की बेटियां भी अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।” ~मोनालिसा, छात्रा