Khabrilal Live Desk: Police Didi Bihar-जब महिलाएं आगे बढ़कर एक-दूसरे की सुरक्षा और अधिकारों की जिम्मेदारी उठाती हैं, तो समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव पड़ती है। यह स्थिति महिला सशक्तिकरण और आपसी एकजुटता का सबसे बड़ा उदाहरण बन जाती है। बिहार में ‘पुलिस दीदी’ इसी बदलाव की मिसाल पेश कर रही हैं।
“पुलिस पदाधिकारियों से सीधे संवाद करने से पुलिस के प्रति झिझक कम हुई है और सुरक्षा को लेकर हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है।” आरा जिले के बिराहिमपुर करजा स्थित रामचंद्र सिंह 10+2 विद्यालय की छात्राएं बताती हैं।
महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बड़हरा थाना पुलिस की ओर से रामचंद्र सिंह 10+2 विद्यालय, बिराहिमपुर करजा में ‘पुलिस दीदी (Police Didi)’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान महिला पुलिस पदाधिकारियों ने छात्राओं से संवाद किया और उन्हें रोजमर्रा की परिस्थितियों में सतर्क रहने, अपने अधिकारों को समझने तथा जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद लेने के तरीके बताए।

बेटियों की सुरक्षा और सहायता के लिए राज्य के कई स्कूलों में भी पुलिस दीदी के माध्यम से छात्राओं को सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। साथ ही, उन्हें किसी भी परिस्थिति में भयभीत न होने और आत्मविश्वास के साथ उसका सामना करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही, उन्हें सुरक्षा के प्रति जागरूक करने तथा जरूरत के समय सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पुलिस दीदी की यह पहल छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें कानूनी रूप से जागरूक बनाने में मददगार साबित हो रही है।
पत्रकार नगर थाना की सब इंस्पेक्टर अंकिता कुमारी बताती हैं कि,”महिलाओं के लिए यह विशेष अभियान है। किसी भी महिलाओं को कोई दिक्कत हो तो हम लोग हमेशा उपलब्ध हैं। बिना डर और कोई झिझक के महिलाओं को अपनी बात रखने का यह काफी बेहतरीन पहल है।”
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महिला सुरक्षा को लेकर सवालों का सामना करने वाले इस प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण के लिए कई पहल की जा रही हैं। इसी कड़ी में महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए पुलिस दीदी का गठन किया गया है। पुलिस महकमे की इस विशेष महिला टीम को ‘अभया ब्रिगेड’ के नाम से भी जाना जाता है। यह टीम महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
अभया ब्रिगेड के नाम से जानी जाने वाली पुलिस की इस विशेष महिला टीम ने अगस्त महीने तक 790 मनचलों के खिलाफ कार्रवाई की। इसके अलावा, विभिन्न थानों में 21 मामले दर्ज किए गए। राज्यभर में महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए थाना स्तर पर 1,040 टीमों का गठन किया गया है। आने वाले समय में इन टीमों की संख्या बढ़ाए जाने की भी संभावना है।
डर खत्म हो गया है
“स्कूल के बाहर तैनात पुलिस दीदी (Police Didi) हमसे बात करती हैं और हमारी समस्याएं सुनती हैं। इससे हमारा डर बिल्कुल खत्म हो गया है। सरकार की यह बहुत अच्छी पहल है।”
~जिया पांडेय, कक्षा 11 की छात्रा

“बिहार में महिला सशक्तीकरण के लिए लंबे समय से काम हो रहा है। पुलिस दीदी की पहल इसे और मजबूत बना रही है। सरकार की यह सोच महिलाओं के हित में है। इस पहल की हर तरफ सराहना हो रही है।”
~मोनालिसा, कामकाजी युवती

“पहले कॉलेज के आसपास कुछ मनचले दिख जाते थे, लेकिन अब वहां पुलिस दीदी नजर आती हैं। यही सबसे बड़ा बदलाव है, जिसकी सराहना होनी चाहिए। सरकार अपने स्तर पर बेहतर काम कर रही है।”
~सूफिया नाज, छात्रा

