Khabrilal Live Desk: पटना, 09 सितंबर। कभी खेल अवसंरचना (Bihar Sports Infrastructure) के अभाव में बड़े आयोजनों की मेजबानी से दूर रहने वाला बिहार आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। राज्य सरकार के पिछले कुछ वर्षों में खेल अवसंरचना पर किए गए बड़े निवेश ने राज्य में खेल की सूरत ही बदल दी है।
राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, बिहार खेल विश्वविद्यालय, पटना का पाटलिपुत्रा स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, जिला से लेकर पंचायत तक विकसित हो रहे खेल परिसरों ने खेल के क्षेत्र में ब्रांड बिहार को स्थापित करने में खास भूमिका निभाई है। ब्रांड बिहार की अवधारणा को स्थापित करने में खेल से जुड़े ये आधारभूत संरचनाएं बेहद खास भूमिका निभा रहे हैं। पिछले दो वर्षों में करीब एक दर्जन बड़े और व्यापक खेल प्रतियोगिताएं सूबे में आयोजित हो चुकी हैं।
Bihar Sports Infrastructure: राजगीर में विकसित खेल अवसंरचनाएं
राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स इस बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। करीब 90 एकड़ में विकसित इस विश्वस्तरीय परिसर में अंतरराष्ट्रीय मानकों का हॉकी स्टेडियम, बहुउद्देशीय इंडोर हॉल, ओलंपिक आकार का स्विमिंग पूल, एथलेटिक्स सुविधाएं, खिलाड़ियों के लिए खेल चिकित्सा केंद्र और बिहार खेल विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं। हाल ही में यहां 40 हजार दर्शकों की क्षमता वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भी निर्माण किया गया है, जिससे बिहार में क्रिकेट के बड़े आयोजन का रास्ता भी खुल गया है।

पटना में मौजूद खेल परिसर व बहुउद्देशीय इनडोर स्टेडियम (Bihar Sports Infrastructure)
राजधानी पटना में भी खेल अवसंरचना को लगातार मजबूत किया गया है। पाटलिपुत्र खेल परिसर (कंकड़बाग) को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया, जहां फुटबॉल, एथलेटिक्स और बहुउद्देशीय इंडोर खेलों की राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन हो रहा है। ऊर्जा स्टेडियम, मोइनुल हक स्टेडियम के पुनर्विकास की पहल, प्रशिक्षण केंद्रों का विस्तार तथा राज्यभर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना ने खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं का मंच उपलब्ध कराया है। सरकार पटना के पुनपुन क्षेत्र में अत्याधुनिक स्पोर्ट्स सिटी विकसित करने की दिशा में भी तेजी से काम कर रही है।

प्रखंड से जिला स्तर तक मजबूत हो रहा खेल ढांचा (Bihar Sports Infrastructure)
राज्य में खेल अवसंरचना का विस्तार अब केवल राजधानी और बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रखंड और जिला स्तर तक खेल सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है। विभिन्न जिलों में खेल भवन-सह-व्यायामशाला, इंडोर हॉल, खेल मैदान और प्रशिक्षण सुविधाओं का विकास किया गया है। वहीं, प्रखंड और पंचायत स्तर पर भी खेल मैदानों को विकसित कर युवाओं को स्थानीय स्तर पर अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराया जा रहा है।
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इन सुविधाओं में एथलेटिक्स, फुटबॉल, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, बैडमिंटन सहित विभिन्न खेलों के लिए आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इससे ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को अपने ही क्षेत्र में नियमित अभ्यास का अवसर मिल रहा है और उन्हें जिला, राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं तक पहुंचने का रास्ता आसान हो रहा है।
पिछले दो वर्षों में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मिली मेजबान
इन्हीं आधारभूत सुविधाओं (Bihar Sports Infrastructure) का परिणाम है कि पिछले दो वर्षों में बिहार को एक के बाद एक कई प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं की मेजबानी मिली। वर्ष 2024 में महिला एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी का सफल आयोजन राजगीर में हुआ।
इसके बाद वर्ष 2025 में सेपक टकरा वर्ल्ड कप, खेलो इंडिया यूथ गेम्स, एशिया अंडर-20 रग्बी सेवन्स चैंपियनशिप, पुरुष हॉकी एशिया कप, 68वीं नेशनल स्कूल गेम्स (फेंसिंग एवं साइक्लिंग), उमंग खेल प्रतियोगिता, कबड्डी लीग की प्रतियोगिताएं, इसी वर्ष मार्च में द्वीतीय महिला कबड्डी लीग प्रतियोगिता समेत ऐसे कई राष्ट्रीय चैंपियनशिप का सफल आयोजन बिहार में हो चुका है। इन आयोजनों में दर्जनों देशों तथा राज्यों के खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिससे बिहार की आयोजन क्षमता को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली।
खेल विभाग का लक्ष्य केवल स्टेडियम (Bihar Sports Infrastructure) बनाना नहीं, बल्कि बिहार में ऐसी खेल संस्कृति विकसित करना है, जहां गांव-कस्बों की प्रतिभाओं को भी विश्वस्तरीय सुविधाएं और आगे बढ़ने का अवसर मिले। आधुनिक खेल अवसंरचना, बेहतर प्रशिक्षण और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा। हमारा प्रयास है कि खेल के माध्यम से प्रतिभाओं को पहचान, खिलाड़ियों को सम्मान और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलें। ~श्रेयसी सिंह, मंत्री खेल विभाग

