Khabrilal Desk: पटना, 6 अगस्त। बिहार में औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में देश के प्रमुख औद्योगिक समूहों के साथ लगभग 51,600 करोड़ रुपये के निवेश संबंधी 10 समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इन निवेश प्रस्तावों से बिहार में स्टील, टेक्सटाइल, न्यूक्लियर एनर्जी, फूड प्रोसेसिंग और फार्मा सेक्टर में बड़े पैमाने पर उद्योग स्थापित होंगे, जिससे रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
लोकसेवक आवास के संकल्प सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल निवेश समझौते करना नहीं, बल्कि उन्हें तेजी से धरातल पर उतारना है। उन्होंने कहा कि बिहार को देश का प्रमुख स्टील हब बनाने की दिशा में सरकार मिशन मोड में काम करेगी।
Bihar Becoming Steel hub: 10 कंपनियों ने किया 51,600 करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान
उद्योग विभाग के साथ जिन कंपनियों ने MoU पर हस्ताक्षर किए, उनमें प्रमुख रूप से स्टील, ऊर्जा, टेक्सटाइल और फार्मा क्षेत्र की कंपनियां शामिल हैं।
निवेश करने वाली प्रमुख कंपनियां

बिहार बनेगा स्टील हब
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में स्टील एवं मेटल आधारित उद्योगों के विकास की अपार संभावनाएं हैं। बड़े निवेश आने से नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना होगी, जिससे राज्य में औद्योगिक गतिविधियां तेज होंगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार स्टील सेक्टर को विशेष प्राथमिकता देते हुए बिहार को देश का प्रमुख स्टील हब बनाने की दिशा में कार्य करेगी।
टेक्सटाइल सेक्टर को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक्सटाइल एवं अपैरल उद्योग श्रम आधारित क्षेत्र है और इसमें रोजगार सृजन की सबसे अधिक संभावनाएं हैं। राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग देकर नई टेक्सटाइल इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देगी, जिससे विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
न्यूक्लियर एनर्जी और क्लीन एनर्जी पर भी फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को देखते हुए बिहार में क्लीन एनर्जी और न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीकों के उपयोग और नए निवेश के माध्यम से राज्य की ऊर्जा संरचना को मजबूत किया जाएगा।
फूड प्रोसेसिंग और फार्मा में भी निवेश
उन्होंने कहा कि बिहार कृषि प्रधान राज्य है और यहां फूड प्रोसेसिंग उद्योग के विकास की बड़ी संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र में निवेश बढ़ने से किसानों को बेहतर बाजार मिलेगा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
साथ ही फार्मा सेक्टर में निवेश को भी सरकार प्राथमिकता दे रही है ताकि औद्योगिक आधार का विस्तार हो सके।
‘Build and Believe in Bihar’ से निवेशकों को जोड़ेगी सरकार
मुख्यमंत्री ने Bihar Business Connect 2026 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि “Build and Believe in Bihar” अभियान के माध्यम से देश-विदेश के निवेशकों को बिहार में उपलब्ध अवसरों से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि बिहार के पास विशाल बाजार, युवा मानव संसाधन, बेहतर नीतियां और तेजी से विकसित हो रहा बुनियादी ढांचा है, जो राज्य को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाता है। बिहार से बाहर रह रहे उद्योगपतियों और प्रवासी बिहारियों को भी राज्य के औद्योगिक विकास से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
MoU केवल कागज तक सीमित नहीं रहेगा
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि निवेश प्रस्तावों को जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जाए। उन्होंने कहा कि निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं और प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराते हुए उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया जाएगा।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव एवं सचिव उपस्थित रहे।
