Khabrilal Desk: पटना, 5 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बुधवार शाम 5 बजे हुई Bihar Cabinet की बैठक में कुल 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में उद्योग, स्वास्थ्य, खेल, नगर विकास, राजस्व एवं भूमि सुधार, समाज कल्याण, कला एवं संस्कृति, विधि और नागरिक उड्डयन समेत कई विभागों से जुड़े अहम निर्णय शामिल हैं। बैठक में रोजगार सृजन, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, खेल अधोसंरचना, पेयजल, न्यायिक व्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया।
Bihar Cabinet के प्रमुख फैसले
- MSME निदेशालय में पद पुनर्गठन
उद्योग विभाग के अंतर्गत बिहार सरकार के अधीन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) निदेशालय में पदों के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई। मुख्यालय और क्षेत्रीय कार्यालयों के पदों का पुनर्विन्यास करते हुए कुल 106 पद चिन्हित किए जाएंगे।
- पुरातत्व निदेशालय में संविदा नियुक्ति
कला एवं संस्कृति विभाग के अंतर्गत पुरातत्व निदेशालय में स्वीकृत 16 तकनीकी पदों में से 12 पदों पर 11 माह अथवा नियमित नियुक्ति होने तक संविदा के आधार पर नियुक्ति की स्वीकृति दी गई।
- ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के तहत डिजिटलीकरण
भारत सरकार के राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन (ज्ञान भारतम मिशन) के तहत बिहार की पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण एवं मेटाडाटा निर्माण योजना को मंजूरी दी गई। इसके लिए 6.23 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
- राजगीर में स्पोर्ट्स साइंस सेंटर
राज्य खेल अकादमी, राजगीर में स्पोर्ट्स साइंस सेंटर की स्थापना, संचालन, रखरखाव और मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए एजेंसी चयन को मंजूरी मिली। इस परियोजना पर लगभग 25 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- जमालपुर जलापूर्ति परियोजना
अमृत 2.0 योजना के तहत जमालपुर जलापूर्ति परियोजना के लिए 102.22 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।
- मुंगेर जलापूर्ति योजना
अमृत 2.0 के तहत मुंगेर जलापूर्ति परियोजना (फेज-1) के लिए 177.72 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई।
- BISF के लिए भूमि हस्तांतरण
नवादा जिले की 43.98 एकड़ सरकारी भूमि बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल (BISF) की स्थापना के लिए गृह विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित करने की स्वीकृति दी गई।
- NDPS मामलों के लिए नए विशेष न्यायालय
पूर्णिया, भागलपुर और गया प्रमंडल में NDPS मामलों की सुनवाई के लिए तीन विशेष न्यायालयों की स्थापना होगी। इसके लिए 27 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई।
- SC/ST अत्याचार मामलों के लिए 19 नए न्यायालय
राज्य के 19 जिलों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए 19 अतिरिक्त विशेष न्यायालय स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए 171 पदों का सृजन होगा।
- बाल संरक्षण संस्थानों के लिए वार्षिक बजट
समाज कल्याण विभाग के तहत संचालित और प्रस्तावित 34 बाल संरक्षण गृहों में 330 बच्चों की देखभाल हेतु 14.53 करोड़ रुपये के वार्षिक व्यय को मंजूरी दी गई।
- आयुर्वेदिक कॉलेज में दो सुपरन्यूमेरेरी पद
राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, पटना में पूर्व सेवा अवधि को नियमित करने के उद्देश्य से दो सुपरन्यूमेरेरी पदों के सृजन को मंजूरी दी गई।
- जिला आयुष चिकित्सकों की नई नियमावली
बिहार जिला आयुष चिकित्सा सेवा (नियुक्ति एवं सेवाशर्त) संशोधन नियमावली-2026 को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।
- बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में नए पद
बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के प्रशासनिक कार्यों के लिए उप कुलसचिव, सहायक कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक सहित कुल छह नए पद स्वीकृत किए गए।
- हेली-टूरिज्म योजना को मंजूरी
मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026 के तहत हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराने के लिए प्रति माह 60 लाख रुपये तथा अधिकतम 3.30 करोड़ रुपये तक के व्यय को मंजूरी दी गई।
- 16 मेडिकल कॉलेज PPP मॉडल पर
‘सात निश्चय-3’ के तहत 16 ब्राउनफील्ड मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों के संचालन के लिए PPP मॉडल अपनाया जाएगा। ट्रांजैक्शन एडवाइजर के रूप में PwC का चयन किया गया। इस पर 8.27 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- पूर्वी चंपारण में केंद्रीय विद्यालय के लिए भूमि
पूर्वी चंपारण जिले में 5 एकड़ सरकारी भूमि पर केंद्रीय विद्यालय स्थापित करने के लिए 30 वर्ष की लीज पर भूमि उपलब्ध कराने की मंजूरी दी गई।
- ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ के लिए 6.12 करोड़
कैबिनेट ने हर घर तिरंगा अभियान-2026 के सफल आयोजन के लिए 6.12 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की।
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क्या है इन फैसलों का महत्व?
कैबिनेट के फैसलों से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, खेल अधोसंरचना का विकास, पेयजल परियोजनाओं में तेजी, न्यायिक व्यवस्था को मजबूती, MSME क्षेत्र में प्रशासनिक सुधार, सांस्कृतिक धरोहरों के डिजिटलीकरण और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही मेडिकल कॉलेजों के PPP मॉडल और केंद्रीय विद्यालय की स्थापना जैसे निर्णय शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
