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दरभंगा में 90 दिनों के विशेष अभियान के तहत 54 पंचायतों को बाल श्रम मुक्त बनाया जाएगा। डीएम कौशल कुमार ने बाल एवं किशोर श्रमिकों की पहचान, स्कूल में नामांकन और दोषी नियोजकों पर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।
Khabrilal Live Desk: दरभंगा, 07 अगस्त। बिहार सरकार के निर्देश पर दरभंगा जिले में बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन (Child Labour Free Panchayat) के लिए बड़े स्तर पर विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत अगले 90 दिनों में जिले के 18 प्रखंडों की 54 पंचायतों को “बाल श्रम मुक्त पंचायत” बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला पदाधिकारी कौशल कुमार ने संबंधित अधिकारियों को अभियान को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
डीएम ने बताया कि यह अभियान श्रमायुक्त, बिहार के निर्देश के आलोक में चलाया जाएगा। प्रत्येक प्रखंड से तीन-तीन पंचायतों का चयन किया गया है, जहां चरणबद्ध तरीके से बाल एवं किशोर श्रम का पूर्ण उन्मूलन सुनिश्चित किया जाएगा।
54 पंचायतों में चलेगा विशेष अभियान (Child Labour Free Panchayat)
जिला प्रशासन के अनुसार अभियान के लिए चयनित 54 पंचायतों में अदलपुर, लोआम, नैनाघाट, अघरा महापरा, पिड़री, टिकापट्टी, मझोलिया, पौराम, पतौर, बनसारा, कोठिया, लालगंज, धनौल, हरहच्चा, बलिगांव, अरौला, गोदाईपट्टी, गौढ़ेला, राढ़ी दक्षिणी, राढ़ी उत्तरी, सहसपुर, कटका, निस्ता, अस्थुआ, लदहो, कमरकला, रोहार महमुदा, पोखरभिंडा, राजा खरवार, ठेंगहा, चनौर, भंडारिसम, जतुका पैकटोल, झगरूआ, झगरूआ तरवाड़ा, नरकटिया भंडरिया, मकरमपुर, सझुआर, हबी भौआर, हरिनगर, भादर, औराही, लटहा तुमौल सुहथ, हनुमाननगर, नरमा नवानगर, बरौम, गौड़ामानसिंह, कसरौर करकौली, पुनहद, गनौन, तुमौल, उसरी, भिण्डुआ और ईटहर पंचायतें शामिल हैं।
इन पंचायतों में 90 दिनों तक लगातार अभियान चलाकर बाल एवं किशोर श्रमिकों की पहचान, बचाव और पुनर्वास की कार्रवाई की जाएगी।
बाल श्रमिकों की पहचान कर कराई जाएगी मुक्ति
डीएम कौशल कुमार ने सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित दुकानों, प्रतिष्ठानों, होटल, ढाबों और घरेलू कार्यों में लगे बाल एवं किशोर श्रमिकों की पहचान करें तथा उन्हें तत्काल श्रम से मुक्त(Child Labour Free Panchayat) कराएं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत बाल श्रमिकों को काम पर रखने वाले नियोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
श्रम से मुक्त बच्चों का स्कूल में होगा नामांकन
जिला प्रशासन ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) को निर्देश दिया है कि श्रम से मुक्त कराए गए प्रत्येक बच्चे का निकटतम विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि वे दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सकें और उनका भविष्य सुरक्षित हो।
Child Labour Free Panchayat: पंचायत स्तर पर होगी नियमित निगरानी
डीएम ने सभी प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों को निर्देशित किया है कि चयनित पंचायतों में गठित पंचायत स्तरीय टास्क फोर्स की नियमित बैठकें आयोजित की जाएं। अभियान की सतत समीक्षा करते हुए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य हासिल किया जा सके।
डीएम बोले- बाल श्रम सामाजिक अभिशाप
जिला पदाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि “बाल श्रम एक सामाजिक अभिशाप है, जिसके उन्मूलन के लिए प्रशासन के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।”
उन्होंने सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही चयनित पंचायतों को निर्धारित समय के भीतर ‘बाल श्रम मुक्त पंचायत’ घोषित करने का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।
