Shardiya Navratri 2024 : दुर्गा पूजा, 2024 को लेकर जिला अग्निशमन पदाधिकारी अनिरूद्ध प्रसाद द्वारा बताया गया कि दरभंगा जिला के दूर्गा पूजा पंडाल के आयोजकों, अध्यक्षों, प्रबंधकों एवं अन्य पूजा पंडालों में अग्नि सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित कराने हेतु विशेष ध्यान देने की जरूरत है ।
Shardiya Navratri 2024 के लिए अग्निशमन पदाधिकारी ने दिया अहम् सुझाव
जिला अग्निशमन पदाधिकारी एवं अन्य अग्निशमन पदाधिकारी ने कहा कि अग्निशमन विभाग की स्तर से की जाने वाली तैयारियों एवं अत्याधुनिक अग्निशमन वाहनों एवं उपकरणों के बारे में जानकारी देते हुए दूर्गा पूजा समिति के आयोजकों से पंडालों में अग्नि सुरक्षा मानकों यथा :- पंडालों को फायर रिटाईंट सॉल्यूशन के घोल से उपचारित कराना, कम से कम 200 लीटर पानी भरा ड्रम रखना, पंडालों के निर्माण के दौरान कम से कम 03 मीटर की ऊँचाई रखना, अग्निशमन यंत्रों को अधिष्ठापित करना, पंडालों का प्रवेश एवं निकास द्वारा की अलग-अलग व्यवस्था करना, विद्युत तारों का लोड एवं शार्ट सर्किट से सर्तकता इत्यादि का अनुपालन करने का सुझाव दिया गया।
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अग्निशामालय पदाधिकारी का मोबाईल नम्बर जारी
इस दौरान अग्निशमन विभाग की तरफ से जारी “क्या करें, क्या न करें” से संबंधित लिफलेट-पम्पलेट का भी वितरण किया गया है। जिला अग्निशमन पदाधिकारी द्वारा तीनों अनुमण्डल के अग्निशामालय पदाधिकारी के दुरभाष नम्बर जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि सदर अनुमण्डल के अग्निशामालय पदाधिकारी का मोबाईल नम्बर – 7485805826, 7485805827, 9801017492 एवं दूरभाष संख्या – 06272-222707 है। वहीं बेनीपुर अनुमण्डल के अग्निशामालय पदाधिकारी का मोबाईल नम्बर – 9905297003 एवं 7485805831 है। बिरौल अनुमण्डल के अग्निशामालय पदाधिकारी का मोबाईल नम्बर – 7485805828 एवं 7485805829 है।
Shardiya Navratri 2024 के दौरान पूजा समिति “क्या करें”
- पंडाल निर्माता पंडाल को भारतीय मानक ब्यूरो आई.एम 8758-1993 के अनुरूप ही बनावें।
- फायर रिटारडेन्ट सोल्यूशन में उपचारित किया हुआ सूती कपड़े का पंडाल बनाया जाए।
- अग्नि निरोधक घोल हेतु अमोनियम सल्फेट, अमोनियम कबोर्नेट, बोरेक्स, बोरिक एसिड, एलम एवं पानी सामग्री को अनुपात भाग में रखें।
- पंडाल के प्रत्येक 100 वर्ग मीटर स्थान पर अग्निशमक यंत्र 09 ली. क्षमता का अवश्य लगायें।
- पंडाल का निर्माण रेलवे लाईन, विद्युत सब स्टेशन, चिमनी या भट्ठे से कम से कम 15 मीटर की दूरी पर हो।
- पंडाल के चारों तरफ 4-5 मीटर खुला स्थान अवश्य रखें।
- पंडाल में कम से कम तीन द्वार रखें – एक सामने दो पार्श्व में।
- प्रत्येक पंडाल के लिए अलग से फ्यूज सर्किट ब्रेकर लगायें जाए।
- बिजली की तार को अच्छे से टेपिंग करें।
- यदि संभव हो तो बिजली का तार पी.वी.सी पाईप से गुजारा जाए।
- बिजली कट जाने पर स्पार्कलेस लाईट का प्रयोग करें।
- पूजा करते समय अगरबत्ती, आरती, दिया आदि सावधानी से एवं सुरक्षित स्थान पर जलाएँ।
- अगरबत्ती/आरती होने तक विशेष रूप से एक व्यक्ति उस पर ध्यान दें।
- अस्थायी रसोई घर को पंडाल से 200 मीटर की दूरी पर बनवायें।
- हवन कुण्ड के पास 04 (1000 लीटर) बड़े ड्रम पानी बाल्टी एवं मग के साथ अवश्य रखें।
- स्थानीय अग्निशमन केन्द्र का टेलीफोन नम्बर को जगह-जगह पर अवश्य प्रदर्शित करें।
- रावण दहन वैसी जगह की जाए जहाँ पर पर्याप्त जगह हो और उसके लिए एक सुरक्षा घेरा बनाया जाए।
पूजा समिति “क्या न करें”
- पंडाल 03 मीटर से कम ऊँचाई का न लाए।
- पंडाल बनाने में सिन्थेटिक सामग्री से बने कपड़े या रस्सी का प्रयोग न करें।
- पंडाल बिजली की लाईन के नीचे किसी भी दशा में न लगायें।
- किसी भी स्थिति में बिजली तार को खुला न रखें।
- किसी भी स्थिति में लाईट हेतु मोमबत्ती, दिया आदि का प्रयोग न करें।
- हैलोजन लाईट का प्रयोग पंडाल के अन्दर न करें।
- पंडाल परिसर में धूम्रपान न करें।
- पंडाल के अन्दर हवन कुण्ड का प्रयोग न करें, यदि अतिआवश्यक हो तो पंडाल से बाहर एवं खुले सुरक्षित स्थान पर किया जाए।
