RCP Singh announced his new party Asa: बिहार की राजधानी पटना से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यह खबर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की टेंशन बढ़ाने वाली है। दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफी करीबी रहे रामचंद्र प्रसाद सिंह उर्फ आरसीपी सिंह ने आज अपनी नई पार्टी की घोषणा कर दी है।
मोबाइल टेक्नालॉजी के मदद से होगा ASA पार्टी का विस्तार
पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह अपनी पार्टी (RCP Singh Announced His New Party Asa) के बारे में बताते हुए कहा कि आज दीपावली है और दीप जलाया जाता है और दीप आशा जगाता है। तो मैंने अपनी पार्टी का जो नाम रखा है शॉर्ट में नाम ही ‘आसा’ है। पार्टी का नाम आसा है और इसका फूल फॉर्म “आप सब की आवाज” है।
उन्होंने कहा कि 140 लोग अभी ही हमारी पार्टी से चुनाव लड़ने को तैयार हैं। हमारा संगठन प्रखंड स्तर से लेकर जिला, राज्य स्तर तक होगा। आरसीपी सिंह ने बताया कि ASA पार्टी में सदस्यता अभियान के लिए मोबाइल टेक्नालॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। मिस कॉल के जरिए सदस्यता अभियान शुरू किया जाएगा। कोई भी 9102186677 पर मिस कॉल कर ASA पार्टी के सदस्य बन सकते हैं।

RCP Singh announced his new party Asa: आरसीपी सिंह ने शराबबंदी को बताया फेल
पार्टी घोषणा के दौरान आरसीपी सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट शराबबंदी को फेल बताया और कहा कि किसी के खान-पान पर आप रोक नहीं लगा सकते हैं। हम लोग शराब रोकने के लिए जनजागरण का कार्यक्रम करेंगे। शराबबंदी से सरकार का कई हजार करोड़ का नुकसान है। कितने ग्रामीण इलाके हैं, जहां उनके बच्चे उनके लोग जो हैं जेल में चले गए तो इसमें सुधार की आवश्यकता है।
RCP Singh announced his new party Asa: उन्होंने कहा कि हमने पहले भी कहा और आज भी कह रहा हूं, मैं मुख्यमंत्री से निवेदन करना चाहूंगा कि पूरी गंभीरता के साथ एक हाई लेवल की कमेटी गठित किया जाए, जिस उद्देश्य से आपने शराबबंदी बिहार में लागू की थी वह कहां तक सफल हो पाई है, क्या-क्या चीज और क्या किया जाना चाहिए, जो मंशा है वह भी पूरा हो सके।
जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं आरसीपी सिंह
बता दें, आरसीपी सिंह इससे पहले जेडीयू छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। लेकिन, बीजेपी में खास पूछ नहीं मिलने के कारण और जेडीयू और बीजेपी का वापस गठबंधन हो जाने के बाद आरसीपी ने अब अपनी पार्टी की घोषणा कर दी है। आरसीपी सिंह राजनीति में आने से बतौर प्रशासनिक सेवा अधिकारी सरकारी नौकरी कर रहे थे। नौकरी छोड़ने के बाद आरसीपी सिंह जेडीयू में शामिल हो गए। एक समय में आरसीपी सिंह नीतीश कुमार के काफी करीबी माने जाते थे। वो जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

