Police Commemoration Day: पुलिसकर्मियों का कल्याण मोदी सरकार की प्राथमिकता है: अमित शाह

Police Commemoration Day 2024: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर गृह राज्यमंत्री बंडी संजय कुमार, केन्द्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, निदेशक, आसूचना ब्यूरो (IB) तपन कुमार डेका, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के वरिष्ठ अधिकारियों सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पुलिस बलों के जवान कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी और कच्छ से किबिथू तक देश की सीमाओ को सुरक्षित रखते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस बलों के जवान दिन-रात, उत्सव और आपदा, भीषण गर्मी, बारिश या शीतलहर के दौरान सीमाओं पर अडिग रहकर हमारी और सीमाओं की सुरक्षा के लिए सदैव तैनात रहते हैं।

Police Commemoration Day: ‘राष्ट्रीय पुलिस स्मारक’ की यह शिला जवानों के कर्तव्य पर चलने के अडिग फैसले, देशभक्ति व सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक

अमित शाह ने कहा कि पुलिस स्मारक के मध्य में स्थापित शिला हमारे जवानों के कर्तव्य पर चलने के अडिग फैसले, उनकी प्रखर देशभक्ति और सर्वोच्च बलिदान देने की उनकी उत्कंठा की प्रतीक है। गृह मंत्री ने कहा कि आज ही के दिन 1959 में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 10 जवानों ने चीनी सेना का डटकर मुकाबला करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी और इसीलिए हम इस दिन को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाते हैं। गृह मंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी जी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद निर्णय लिया कि दिल्ली के मध्य में इन जवानों के बलिदान के सम्मान में एक पुलिस स्मारक बनाया जाए।

Police Commemoration Day: 'राष्ट्रीय पुलिस स्मारक' की यह शिला जवानों के कर्तव्य पर चलने के अडिग फैसले, देशभक्ति व सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक

Police Commemoration Day के अवसर पर उन्होंने कहा कि ये पुलिस स्मारक हमारे युवाओं को प्रेरणा देता रहेगा और नागरिकों को ये स्मरण कराता रहेगा कि आज हम सुरक्षित हैं और विकास के रास्ते पर चल रहे हैं, तो इसके पीछे इन हज़ारों जवानों का सर्वोच्च बलिदान है। उन्होंने कहा कि 36,468 पुलिस बलों के कर्मियों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है और इसी कारण देश प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में 216 पुलिसकर्मियों ने कर्तव्य को पूरा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए हैं और हमारा देश इन जवानों का सदैव ऋणी रहेगा।

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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा में हमारे पुलिस बलों द्वारा सर्वोच्च बलिदान देने की एक परंपरा रही है। हमारा गौरवशाली इतिहास भी रहा है कि हिमालय की बर्फीली दुर्गम चोटियों से लेकर, कच्छ और बाड़मेर के विषम मरुस्थलों और विशाल सागर की निर्भीक होकर रक्षा करने वाले जवान ही देश को सुरक्षित रखते हैं।

Police Commemoration Day: ड्रोन, नार्कोटिक्स कारोबार, साइबर अपराध, AI के माध्यम से अशांति फैलाने के प्रयास जैसी चुनौतियां देश के सामने खड़ी हैं

अमित शाह ने कहा कि कश्मीर, वामपंथी उग्रवाद और उत्तर-पूर्व में दशकों से अशांति का माहौल था लेकिन पिछले एक दशक में हमारे सुरक्षाबलों की कर्तव्यपरायणता के कारण हम इन जगहों पर शांति स्थापित करने में सफल रहे हैं। उन्होंने कहा, लेकिन हमारी लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है। ड्रोन के उभरते खतरे, नार्कोटिक्स कारोबार, साइबर अपराध, AI के माध्यम से अशांति फैलाने के प्रयास, धार्मिक भावनाएं भड़काने के षडयंत्र, घुसपैठ, अवैध हथियारों की तस्करी और आतंकवाद जैसी चुनौतियां आज हमारे सामने खड़ी हैं। शाह ने कहा कि खतरे और चुनौतियां कितनी भी बड़ी हों, हमारे जवानों के अडिग प्रण के सामने वो टिक नहीं सकेंगी।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा 2047 में एक पूर्ण विकसित भारत के निर्माण के स्वप्न को पूरा करने के लिए देशभर के पुलिसकर्मी दृढ़संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि देश की संसद द्वारा पारित किए गए 3 नए आपराधिक कानूनों पर देश के सभी राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में अमल शुरू हो चुका है। इन कानूनों पर पूरी तरह अमल होने के बाद हमारी आपराधिक न्याय प्रणाली दुनिया की सबसे आधुनिक न्याय प्रणाली बन जाएगी। देश के किसी भी कोने में दर्ज हुए अपराध में सुप्रीम कोर्ट तक 3 साल में न्याय मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि न्याय में देरी से निजात दिलाने का रास्ता इन 3 नए कानूनों के क्रियान्वयन में है।

Police Commemoration Day: ड्रोन, नार्कोटिक्स कारोबार, साइबर अपराध, AI के माध्यम से अशांति फैलाने के प्रयास जैसी चुनौतियां देश के सामने खड़ी हैं

अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए कई योजनाएं लाई है। आयुष्मान CAPFs के माध्यम से 41 लाख से अधिक कार्ड वितरित कर लगभग 1422 करोड़ रूपए के 13 लाख दावों का निपटारा किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारे जवानऔर उनके परिजन देश में कहीं पर भी हों इस कार्ड के माध्यम से उनके स्वास्थ्य की चिंता हो रही है।

Police Commemoration Day के मौके पर गृह मंत्री ने कहा कि हमने हाउसिंग सेटिस्फेक्शन रेश्यो को बढ़ाने का भी लक्ष्य रखा है। मोदी सरकार ने 2015 में 3100 करोड़ रूपए की लागत से 13,000 घरों और 113 बैरक के निर्माण को मंज़ूरी दी थी, जिनमें से मार्च, 2024 तक 11,276 घरों और 111 बैरक का निर्माण पूरा हो चुका है। सीएपीएफ ई-आवास वेब पोर्टल से खाली पड़े घरों को भी आवंटित करने का काम किया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना हमारे पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए आशीर्वाद साबित हुई है। इसके साथ ही, सीएपीएफकर्मियों के आश्रितों के लिए MBBS में 26 और BDS में 3 सीटें भी आरक्षित की हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय अनुग्रह राशि को बढ़ाकर एकमुश्त मुआवज़ा देने से हमारे जवानों के परिजनों को काफी राहत मिलती है।

Police Commemoration Day 2024 के मौके पर केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हमारे पुलिसकर्मी, विशेषकर केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs), के सभी जवान कानून व्यवस्था और देश की सुरक्षा को संभालने के अलावा भी कई अन्य काम करते हैं। उन्होंने कहा कि 2019 से 2024 तक CAPFs के जवानों ने लगभग 5 करोड़ 80 लाख 90 हज़ार पौधे लगाए हैं और वे अपने बच्चे की तरह उन पौधों की देखभाल कर रहे हैं। शाह ने कहा कि सिविक एक्शन प्रोग्राम के माध्यम से सभी सीमांत ज़िलों में भारत सरकार और राज्य सरकारों की सभी योजनाओं को नागरिकों तक पहुंचाने का काम हो रहा है।

गृह मंत्री ने कहा कि देश के लिए अपने प्राणो की आहुति देने वाले जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। इन जवानों के बलिदान के कारण देश की सुरक्षा सुनिश्चित रहेगी और 2047 में भारत एक विकसित राष्ट्र बनकर रहेगा। उन्होंने कहा कि आज़ादी की शताब्दी के समय भी कृतज्ञ राष्ट्र इन जवानों के बलिदान को नतमस्तक होकर सदैव याद रखेगा।

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