KK Pathak Action : बिहार में इन दिनों जमीन सर्वे का काम तेजी से चल रहा है। इस जमीन सर्वे के दौरान ही राज्य सरकार बेतिया राज की जमीनों को अतिक्रमण से मुक्ति दिलाने का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए इस काम सीएम नीतीश के खास आईएएस अधिकारी केके पाठक की भी एंट्री हो गई है। बता दें कि बेतिया राज की हजारों एकड़ जमीन पर हुए अवैध कब्जे को हटाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। राजस्व पर्षद के अध्यक्ष केके पाठक ने इसके लिए पांच अधिकारियों को नियुक्ति किया है।

केके पाठक एकबार फिर चर्चा में

बिहार में एक बार फिर आईएएस अफसर केके पाठक का कड़ा एक्शन चर्चा का विषय बना हुआ है। बेतिया राज के व्यवस्थापक अविनाश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई राजस्व पार्षद की अनुशंसा पर की गई है। अविनाश कुमार पर आरोप है कि उन्होंने नियमों का उल्लंघन करते हुए एक कर्मचारी को जरुरत से ज्यादा अधिकार दे दिए थे।

एकबार फिर से एक्शन में केके पाठक

बता दें आईएएस केके पाठक अपने सख्त फैसलों के लिए जाने जाते हैं। वे अभी राजस्व पार्षद के अध्यक्ष हैं। एक न्यूज वेबसाइट के अनुसार राजस्व पार्षद ने ही बेतिया राज में गड़बड़ी पकड़ी थी और अविनाश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी। नीतीश सरकार ने फौरन एक्शन लेते हुए अविनाश कुमार को निलंबित कर दिया। दरअसल, अविनाश कुमार ने बेतिया राज के कर्मचारी सुरेश रावत को बिना अनुमति के ज्यादा वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार दे दिए थे। यह नियमों के खिलाफ था। राजस्व पार्षद ने इसे गंभीरता से लिया और अविनाश कुमार को निलंबित करने की सिफारिश की।

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सामान्य प्रशासन विभाग ने अविनाश कुमार के निलंबन का आदेश जारी कर दिया है। आदेश में कहा गया है कि राजस्व पार्षद ने अविनाश कुमार के खिलाफ आरोप पत्र भेजा था। राजस्व पार्षद ने 30 अगस्त को यह आरोप पत्र सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा था। इसके बाद ही अविनाश कुमार को निलंबित कर दिया गया। बता दें कि काफी लंबे समय से बेतिया राज की जमीन पर अतिक्रमण को लेकर शिकायत आ रही है। इन्हीं शिकायतों के निवारण के लिए केके पाठक ने एक योजना बनाई है।

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