Jitan Ram Manjhi vs Chirag Paswan: बिहार में अगले साल विधानसभा चुनाव होना है, लेकिन राजनितिक दलों के बीच अभी से घमासान मचा हुआ है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के एक बयान से एनडीए में बवाल मच गया है। उनकी बात चिराग पासवान की पार्टी को चुभ गई है। अब बुधवार (09 अक्टूबर) को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एलजेपी (रामविलास) के सांसद अरुण भारती (Arun Bharti) ने पलटवार किया है।

दरअसल मंगलवार को रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर दिल्ली में राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के कार्यालय में जीतन राम मांझी स्वर्गीय रामविलास पासवान को श्रद्धा सुमन अर्पित करने पहुंचे थे। यहां जीतन राम मांझी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि रामविलास पासवान की जगह पशुपति पारस से ही पूरी हो सकती है।

जीतन राम मांझी के किस बयान पर मचा है हंगामा ?

केन्द्रीय मंत्री ने अपने बयान में कहा था, “पशुपति पारस बाबू तो थोड़ा अस्वस्थ हैं, लेकिन उनके परिवार वाले और सबके साथ मिलकर सुखद एहसास हुआ। ऐसा लगा कि रामविलास बाबू तो चले गए हैं लेकिन उनके स्वरूप पारस बाबू हैं। हम लोगों को आशा है पारस बाबू शायद उनकी जो रिक्तियां है उसको वह पूरा कर सकेंगे।”

लोजपा (रामविलास ) के सांसद अरुण भारती की प्रतिक्रिया

सांसद अरुण भारती ने कहा कि रामविलास के उद्देश्य, राजनीतिक विरासत को चिराग ही आगे ले जा सकते हैं। देश में रामविलास के जाने से एक दलित नेता की जो कमी है उसको चिराग पासवान ही पूरा कर सकते हैं। जीतन राम मांझी का बयान अस्वीकार्य है। मांझी के बयान का हम लोग खंडन करते हैं। जीतन राम मांझी बताएं कि ऐसी बयानबाजी क्यों कर रहे हैं?

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गृहमंत्री अमित शाह से मिल चुके हैं पशुपति पारस

कुछ ही दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्री राष्ट्रीय अमित शाह और लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष पशुपति पारस के बीच हुई मुलाकात के बाद लोजपा की राजनीति में भूचाल आ गया। लोजपा (आर) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी इस मुलाकात को हल्के में नहीं लिया। चिराग पासवान ने भी अमित शाह से भी मुलाकात किया था।

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