Digital Arrest: डिजिटल गिरफ्तारी और साइबर अपराधों से निपटने के लिए केंद्र सरकार के बड़े कदम

Digital Arrest: नई दिल्ली: केंद्र सरकार साइबर अपराध और डिजिटल ठगी से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। गृह राज्य मंत्री श्री बंडी संजय कुमार ने लोकसभा में जानकारी दी कि भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अनुसार, पुलिस और सार्वजनिक व्यवस्था राज्य का विषय है। हालांकि, केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मदद के लिए परामर्श और वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

Digital Arrest और साइबर अपराधों से निपटने के लिए उठाए गए कदम:

  1. I4C की स्थापना:
    साइबर अपराधों से निपटने के लिए केंद्र ने भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) स्थापित किया है। यह कानून प्रवर्तन एजेंसियों को साइबर अपराध से निपटने के लिए जरूरी ढांचा और सहयोग प्रदान करता है।
  2. डिजिटल ठगी पर कार्रवाई:
    I4C ने 1,700 से अधिक स्काइप आईडी और 59,000 व्हाट्सएप खातों की पहचान कर उन्हें ब्लॉक किया है, जो डिजिटल ठगी में इस्तेमाल हो रहे थे।
  3. अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल रोकने की पहल:
    फर्जी कॉल्स की समस्या से निपटने के लिए दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (TSP) के साथ मिलकर एक नई प्रणाली बनाई गई है। 15 नवंबर 2024 तक 6.69 लाख सिम कार्ड और 1.32 लाख IMEI ब्लॉक किए जा चुके हैं।
  4. राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल:
    https://cybercrime.gov.in पोर्टल आम लोगों को साइबर अपराध की शिकायत दर्ज करने की सुविधा देता है। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराधों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
  5. वित्तीय धोखाधड़ी रोकथाम:
    I4C के तहत नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग और प्रबंधन प्रणाली शुरू की गई है। अब तक 9.94 लाख से अधिक शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए 3,431 करोड़ रुपये बचाए गए हैं।
  6. जागरूकता अभियान:
    सरकार ने साइबर अपराधों पर जागरूकता बढ़ाने के लिए कई अभियान शुरू किए हैं। इनमें सोशल मीडिया, समाचार पत्र, रेडियो, दिल्ली मेट्रो, और डिजिटल डिस्प्ले का उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा, स्कूलों-कॉलेजों में हैंडबुक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
  7. हेल्पलाइन 1930:
    वित्तीय धोखाधड़ी की तुरंत रिपोर्ट करने और सहायता प्राप्त करने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1930 शुरू किया गया है।

Digital Arrest और साइबर अपराध से बचाव के लिए सुझाव

सरकार ने नागरिकों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करने की सलाह दी है। डिजिटल ठगी और साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता बढ़ाना सबसे बड़ा हथियार है। सरकार के इन प्रयासों का उद्देश्य साइबर अपराधों को नियंत्रित करना और नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा का भरोसा देना है।

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