Amit Shah on Drugs: हाल के दिनों में देश की राजधानी दिल्ली और गुजरात में व्यापक पैमाने पर ड्रग्स को पुलिस की स्पेशल सेल ने बरामद किया है. केंद्र सरकार ने सोमवार को ड्रग्स सिंडिकेट के खिलाफ सख्त मुहिम जारी रखने की बात कही है. केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार हमारी युवा पीढ़ी को ड्रग्स के खतरे से सुरक्षित कर एक नशामुक्त भारत के निर्माण के प्रति कटिबद्ध है।
Amit Shah on Drugs: ड्रग्स और नार्को व्यापार के खिलाफ अभियान जारी रहेगा: अमित शाह
X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में अमित शाह ने कहा कि ड्रग्स और नार्को व्यापार के खिलाफ अभियान (Campaign against drugs and narco trade will continue)बिना किसी ढिलाई के जारी रहेगा। शाह ने दिल्ली पुलिस को कई ऑपरेशन्स के तहत 13 हज़ार करोड़ रूपए मूल्य की ड्रग्स की ज़ब्ती, जिसमें गुजरात पुलिस के साथ मिलकर 5 हज़ार करोड़ रूपए की कोकीन की बरामदगी शामिल है, के लिए बधाई दी।
ड्रग्स के व्यापार पर हालिया सख्ती के तहत दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और गुजरात पुलिस ने 13 अक्टूबर 2024 को गुजरात के अंकलेश्वर में एक कंपनी में छापेमारी कर 518 किलोग्राम कोकेन बरामद की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 5,000 करोड़ रुपये है।
13,000 करोड़ रुपये का मादक पदार्थ जब्त
इससे पहले, 01 अक्टूबर, 2024 को दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने महिपालपुर में एक गोदाम पर छापेमारी करके 562 किलोग्राम कोकीन और 40 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक मारिजुआना की खेप को जब्त किया था। जांच के दौरान 10 अक्टूबर, 2024 को दिल्ली के रमेश नगर की एक दुकान से लगभग 208 किलो अतिरिक्त कोकेन बरामद हुई। पूछताछ के दौरान ये पता चला कि बरामद मादक पदार्थ गुजरात के अंकलेश्वर से आया था। इस मामले में अब तक कुल 1,289 किलोग्राम कोकेन और 40 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक थाईलैंड की मारिजुआना बरामद हो चुकी है, जिसकी कीमत 13,000 करोड़ रुपये है।
ड्रग्स केस में कांग्रेस के एक प्रमुख व्यक्ति की संलिप्तता बेहद खतरनाक
कुछ दिन पहले अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था ,” एक ओर जहां मोदी सरकार ‘नशामुक्त भारत’ के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है, वहीं उत्तर भारत से पकड़ी गई ड्रग्स की ₹5,600 करोड़ की खेप में कांग्रेस के एक प्रमुख व्यक्ति की संलिप्तता बेहद खतरनाक और शर्मनाक है।” केंद्रीय गृह मंत्री ने आगे लिखा था ,”कांग्रेस नेता द्वारा अपने राजनीतिक रसूख से युवाओं को ड्रग्स के दलदल में झोंकने का जो पाप किया जाना था, उन इरादों को मोदी सरकार कभी पूरा नहीं होने देगी। हमारी सरकार, ड्रग्स के कारोबारियों का राजनीतिक पद या कद देखे बिना, ड्रग्स के पूरे तंत्र का विनाश कर ‘नशामुक्त भारत’ बनाने के लिए संकल्पित है।”
सरकार के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2006 से 2013 के दौरान ड्रग्स कारोबार करने वालों के खिलाफ दर्ज मामलों की संख्या 1257 थी, जो वर्ष 2014-2023 के दौरान 3 गुना बढ़कर 3755 हो गयी। इस मामले में वर्ष 2006-13 के दौरान 1363 गिरफ्तारियां हुई जो वर्ष 2014-23 की अवधि में 4 गुना बढ़कर 5745 हो गयी। मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान जब्त की गई ड्रग्स की मात्रा दो गुना बढ़कर 3.95 लाख किलोग्राम हो गयी, जो वर्ष 2006-13 के दौरान 1.52 लाख किलोग्राम थी।
