नवादा अग्निकांड: बिहार के नवादा में हाल ही में हुई हिंसा में पासवान समाज का नाम सामने आने पर लोजपा (रामविलास ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने कड़ा विरोध जताया है। चिराग ने कहा, “जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी जाति विशेष को दोष देना न केवल गलत है, बल्कि समाज में आपसी तनाव को भी बढ़ावा देगा।” उन्होंने अपने यर्क बयान में सभी पक्षों से संयम बरतने और प्रशासन को अपना काम करने देने की अपील की है।
बिना जांच के किसी समुदाय को बदनाम न करें: चिराग
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान ने जोर देकर कहा कि किसी भी अपराध को जाति के चश्मे से देखना समाज को विभाजित करने का काम करता है, और यह देश के लिए हानिकारक है। उन्होंने कहा कि हिंसा की घटनाओं में शामिल दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए, चाहे वे किसी भी जाति या समुदाय से हों, लेकिन जब तक जांच पूरी न हो, किसी समाज को दोषी ठहराना न्यायसंगत नहीं है। पासवान ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, परंतु किसी निर्दोष व्यक्ति या समुदाय को बिना जांच के बदनाम नहीं किया जाना चाहिए।
घटना की न्यायिक जांच की मांग
इससे पहले चिराग पासवान ने कहा था कि पीड़ित परिजनों के प्रति मेरी और मेरी पार्टी की तरफ से गहरी संवेदना है, मैं जल्द ही घटनास्थल का दौरा कर पीड़ित परिजनों से मुलाकात करूंगा। एनडीए सरकार का प्रमुख सहयोगी होने के नाते चिराग ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग किया था कि ऐसे दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कठोर से कठोर सजा दी जाए और पीड़ितों के लिए आर्थिक मदद का हर संभव प्रावधान करें। ऐसी घटना करने की हिमाकत भविष्य में कोई भी न कर सके इसके लिए उन्होंने इस घटना की न्यायिक जांच की मांग भी राखी थी।
क्या है नवादा अग्निकांड
बता दें कि नवादा के महादलित टोला में बुधवार की शाम लगभग 70 से 80 मकानों को जलाए जाने की घटना को लेकर पूरे देश में सियासत गरमाई हुई है। इस मामले को लेकर नीतीश सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। वहीं, पुलिस ने अब तक 15 लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया है।

