Khabrilal Live Desk: 25 सितंबर, पटना। 21 सितंबर को जमुई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में 3-4 लोग एक लड़की के साथ अभद्र व्यवहार करते नजर आ रहे थे। जमुई की घटना की तरह ही लखीसराय, समस्तीपुर जैसे कई जिलों से वैसा ही वीडियो सामने आने के बाद बिहार सरकार और बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे। पुलिस की कार्रवाई और कानून-व्यवस्था को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
हालांकि, इसके बाद पुलिस ने ऐसे मामलों में स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई की, उससे पूरे घटनाक्रम की दिशा ही बदल गई। बिहार पुलिस ने इन सभी मामलों के मुख्य आरोपियों समेत सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी नंदन यादव को पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगी, जबकि दूसरे आरोपी हरेराम यादव को भागने की कोशिश के दौरान पैर फ्रैक्चर होने के बाद पुलिस ने पकड़ लिया।
इस मामले को लेकर पुलिस ने खास तौर पर अपील जारी की है कि घटना से जुड़ा वीडियो किसी भी मीडिया प्लेटफॉर्म या सोशल मीडिया पर प्रसारित या वायरल न किया जाए, ताकि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर न हो। वहीं, पीड़िता की पहचान उजागर करने और वीडियो प्रसारित करने वाले 120 सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसके बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट कहा कि यदि अपराधी पुलिस को चुनौती देंगे, तो उनके खिलाफ 24 घंटे के भीतर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिस घटना को लेकर पुलिस और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे थे, उसमें तेजी से हुई कार्रवाई के बाद तस्वीर बदलती नजर आई। अब इस मामले में सवाल उठाने और घटना की निंदा करने वालों की नजर पुलिस की कार्रवाई और उसके आगे के नतीजों पर है।
कार्रवाई के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं
जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके दोस्त के साथ हुई बदसलूकी और छेड़छाड़ के बाद पुलिस द्वारा की गई त्वरित मुठभेड़ और गिरफ्तारी की कार्रवाई पर कई लोगों ने त्वरित न्याय की सराहना की है। लोगों के मुताबिक बिहार में सुशासन का असर आज जमीन पर साफ दिखाई देता है। कानून-व्यवस्था में आया बदलाव केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि आम लोगों के अनुभव में भी महसूस किया जा सकता है।
“शुरुआत में वीडियो देखने के बाद भयावह लग रहा था। फिर बिहार पुलिस ने जो किया है, वह काफी सराहनीय है। सरकार अगर महिला सुरक्षा को लेकर इतना तत्पर है तो काफी खुशी होती है।” मोनालिसा, लखीसराय
मोनालिसा, लखीसराय
“बिहार पुलिस के प्रयास की तारीफ होनी चाहिए। एनकाउंटर वाली खबर सुनकर और मजा आया। शुरुआत में गुस्सा आ रहा था लेकिन.. क्या ही कहें। इन लोगों को कठोर से कठोर सजा मिलनी चाहिए।” सूजल कुमार, पटना
सूजल कुमार, पटना
“सिर्फ चार से पांच घंटे के बाद गिरफ्तारी बहुत कम केस में होती है। एकदम योगी मॉडल की तरह बिहार पुलिस में काम किया है। यह देखकर काफी अच्छा लगा। नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में सम्राट चौधरी कम कर रहे हैं।” मोहित कुमार, सुपौल