Khabrilal Live Desk: 23 सितंबर, पटना। Bihar Mukhyamantri Udyami Yojana– बिहार सरकार का उद्देश्य राज्य में ही लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख करने वाले लोगों को अपने राज्य में ही बेहतर अवसर मिल सकें। इसी उद्देश्य से स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने और युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
इसी कड़ी में राज्य में स्वरोजगार और नए उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ‘बिहार मुख्यमंत्री उद्यमी योजना’ (Bihar Mukhyamantri Udyami Yojana) चलाई जा रही है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को नया उद्योग शुरू करने के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना की खास बात यह है कि लाभार्थियों को दी जाने वाली कुल राशि पर 50 प्रतिशत तक की सरकारी सब्सिडी (अनुदान) भी मिलती है।
Bihar Mukhyamantri Udyami Yojana: 24 साल के कॉरपोरेट अनुभव के बाद चुनी उद्यमिता की राह
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना से पटना के अजय कुमार सिंह जैसे कई युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने का अवसर मिला है। अजय ने 24 वर्षों के कॉरपोरेट अनुभव के बाद उद्यमिता की राह चुनी। उनके पास पटना स्थित एल.एन.एम.आई. से PM & IR में पीजी डिप्लोमा है।

निजी कंपनियों में लंबे समय तक काम करने के बाद उन्होंने अपना व्यवसाय शुरू किया। अजय ने उपभोक्ताओं की शुद्ध, गुणवत्तापूर्ण और स्वच्छ स्थानीय उत्पादों की मांग को देखते हुए ऑयल मिल शुरू करने का निर्णय लिया। उन्होंने उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार कर उन्हें बिना किसी अतिरिक्त डिलीवरी लागत के सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा।
शुद्ध सरसों तेल से लेकर मिलेट्स और मसालों तक का कारोबार
उनका व्यवसाय Ajay Enterprises ग्राउंड फ्लोर, एम.जी. नगर, पटना-800020 में स्थित है। यहां ऑयल मिल के साथ शुद्ध पीला सरसों तेल, सत्तू, बेसन, मिलेट्स, मसाले, चना दाल और कच्चे चने जैसे कृषि उत्पादों का उत्पादन और प्रसंस्करण किया जाता है। इस परियोजना के लिए सरकार की ओर से कुल 10 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई। इकाई की स्थापना 02 फरवरी 2023 को हुई थी। वर्तमान में इकाई का वार्षिक टर्नओवर 25 लाख रुपये है।
व्यवसाय शुरू करने से पहले अजय ने बाजार का विस्तार से सर्वे किया। उन्होंने पहले से कारोबार कर रहे लोगों से बातचीत कर व्यवसाय को संचालित करने के तरीके को समझा। इसके अलावा, उद्योग विभाग से उन्हें वित्तीय सहयोग के साथ-साथ पेशेवर प्रशिक्षण भी मिला।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से बढ़ाया कारोबार
अजय बताते हैं कि,”व्यवसाय की शुरुआत में हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती कारोबार और बाजार से जुड़ी पर्याप्त जानकारी और मार्गदर्शन की कमी थी। स्थानीय जिला उद्योग केंद्र (DIC) और अपने व्यक्तिगत संपर्कों के सहयोग से इस मैंने इस समस्या का समाधान किया और कारोबार को आगे बढ़ाया।”
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अजय कुमार सिंह के व्यवसाय को आगे बढ़ाने में कई उपलब्धियां भी हासिल हुई हैं। उन्होंने Certified Food Safety Supervisor का प्रमाणन प्राप्त किया है और LEAN Basic Certification पूरा किया है। इसके अलावा ऑनलाइन बिक्री का विस्तार करने के लिए उनका व्यवसाय Meesho e-commerce platform पर भी जुड़ चुका है।
कारोबार के विस्तार की तैयारी
उनकी इकाई से सीधे 2 लोगों को रोजगार मिल रहा है, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से 4 लोग इससे जुड़े हैं। इसके अलावा, अजय स्थानीय किसानों से सरसों के बीज और अन्य कच्चा माल सीधे खरीदते हैं, जिससे स्थानीय किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिल रहा है।
आने वाले समय में अजय कुमार सिंह अपने कारोबार का विस्तार करना चाहते हैं। उनकी योजना खाद्य तेलों के पोर्टफोलियो को बढ़ाने की है, जिसमें ग्राउंडनट ऑयल को शामिल करना भी है। इसके साथ ही वे प्रीमियम मसालों और मिलेट्स की एक अलग और गुणवत्तापूर्ण रेंज शुरू करने की योजना बना रहे हैं।
अजय कुमार सिंह नए उद्यमियों को सलाह देते हैं कि वे अपने काम के प्रति समर्पित रहें और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों पर ध्यान दें। उनका कहना है कि स्थानीय किसानों से सीधे कच्चा माल खरीदकर स्थानीय लोगों और समुदायों को भी सहयोग देना चाहिए।

अजय कुमार सिंह की कहानी बताती है कि अनुभव, सही मार्गदर्शन और सरकारी सहयोग के साथ स्थानीय स्तर पर भी उद्यमिता को नई दिशा दी जा सकती है। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना (Bihar Mukhyamantri Udyami Yojana) ने उन्हें अपने विचार को व्यवसाय में बदलने का अवसर दिया। आज उनका उद्यम रोजगार सृजन के साथ स्थानीय किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जुड़ रहा है। उनका सफर नए उद्यमियों के लिए आत्मनिर्भरता और आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
