Khabrilal Live Desk: पटना/खगड़िया, 15 सितम्बर। बाढ़ के दौरान जब सड़कें डूब जाती हैं और आवागमन बाधित हो जाता है… जब चारों तरफ पानी ही पानी हो, तो सबसे बड़ी चुनौती होती है जरूरतमंदों तक समय पर मदद पहुंचाना। खासकर ऐसे समय में स्वास्थ्य सेवाओं को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे ही मुश्किल वक्त में खगड़िया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में राज्य के पहले फ्लोटिंग अस्पताल और बोट एंबुलेंस (Floating Clinic & Boat Ambulance) का सफल संचालन किया जा रहा है।

Floating Clinic & Boat Ambulance: नाव पर ही मिल रही ओपीडी और आईपीडी की सुविधा

जिला पदाधिकारी, खगड़िया विक्रम विरकर की विशेष पहल पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फ्लोटिंग क्लीनिक के माध्यम से जलमार्ग से स्वास्थ्य सेवाएं जरूरतमंद समुदायों तक पहुंचाई जा रही हैं। यहां ओपीडी एवं आईपीडी सेवाओं के साथ आवश्यक दवाइयां और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है।

इस पहल के तहत गर्भवती महिलाओं, बच्चों और वृद्धजनों की विशेष स्वास्थ्य जरूरतों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। डूबने, सर्पदंश तथा जल एवं वेक्टर जनित बीमारियों से जुड़े मामलों में भी त्वरित चिकित्सा सहायता की व्यवस्था की गई है। अब तक 1,300 से अधिक मरीजों का उपचार किया जा चुका है।

सबसे खास बात यह हैं कि नाव पर ही क्लिनिक की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जहां बाढ़ प्रभावित लोगों की जांच और इलाज किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘बोट एंबुलेंस’ यानी जल स्वास्थ्य क्लिनिक का सफल संचालन किया जा रहा है। इसके जरिए जलमग्न और सड़क संपर्क से कटे इलाकों में रहने वाले जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही है। पानी का स्तर बढ़ने के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित लोगों तक पहुंचाने का यह प्रयास लगातार जारी है।

Also Read: BRICS 2026 में बिहार का सत्तू-मखाना, ग्लोबल मंच पर चमका ‘ब्रांड बिहार’, क्या बोले व्यापारी-किसान?

इसके अलावा स्वास्थ्य दल ने जलमग्न इलाके के ग्रामीणों की नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच की और उन्हें आवश्यक दवाइयां वितरित की एवं आपातकालीन चिकित्सा सहायता और परामर्श भी उपलब्ध कराया गया। आपदा प्रबंधन और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा की दिशा में यह पहल प्रभावी और अनुकरणीय साबित हुई है।

जिला पदाधिकारी खगड़िया ने बताया कि, “खगड़िया के अगवानी घाट, परबत्ता में फ्लोटिंग क्लिनिक की व्यवस्था की गई है। श्रावणी मेला और बाढ़ को देखते हुए जिला प्रशासन के द्वारा इसका निर्माण किया गया है। अभी तक हजार से ज्यादा लोगों के द्वारा इसका लाभ लिया गया है।”

बाढ़ सिर्फ घर और रास्ते नहीं डुबोती… यह लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को भी पूरी तरह बदल देती है। ऐसे समय में स्वास्थ्य सेवा की नाव जब प्रभावित लोगों तक पहुंचती है, तो यह सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि मुश्किल वक्त में भरोसे और मदद की एक बड़ी उम्मीद भी लेकर आती है। फ्लोटिंग क्लिनिक और बोट एंबुलेंस बाढ़ के बीच स्वास्थ्य सेवा की एक अहम कड़ी बनकर सामने आ रही हैं।

(Floating Clinic & Boat Ambulance पर आम जनता की राय

“बहुत ही सुंदर पहल है। मैं पहली बार देखी हूं। ऐसे समय में सरकार अगर हम लोगों की मदद करती है तो काफी आसान हो जाता है।”
माया कुमारी
तेमथा, खगड़िया

“बाढ़ की मुश्किल घड़ी में स्वास्थ्य सुविधा का इस तरह लोगों तक पहुंचाना प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी राहत है। इलाज के लिए लंबी दूरी तय करने की मजबूरी कम हो रही है और जरूरतमंदों को पानी के बीच ही स्वास्थ्य सहायता मिल रही है।”
बाढ़ पीड़ित

“बाढ़ के समय आने-जाने में काफी परेशानी होती है। ऐसे में जब डॉक्टर और इलाज की सुविधा नाव के जरिए हमारे पास पहुंचती है, तो काफी राहत मिलती है। समय पर जांच और इलाज हो जाता है।”
बाढ़ पीड़ित

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *