Darbhanga AIIMS Bhoomi Pujan: उत्तर बिहार के स्वास्थ्य सेवाओं में एक नया अध्याय जोड़ते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी बुधवार, 13 नवम्बर 2024 को दरभंगा में प्रस्तावित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का शिलान्यास /भूमि पूजन अपने कर कमलों से करेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर दरभंगा और आस-पास के क्षेत्रों में उत्साह का माहौल है। विशेष रूप से, दरभंगा की जीविका दीदियाँ इस कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर काफी उत्साहित हैं।
Darbhanga AIIMS Bhoomi Pujan में 10,000 जीविका दीदी होंगी शामिल
दरभंगा के डीपीएम (जिला परियोजना प्रबंधक) डॉ. ऋचा गार्गी ने जानकारी दी कि इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जिले के सभी 18 प्रखंडों से 10,000 से अधिक जीविका दीदियाँ सम्मिलित होगी । प्रधानमंत्री के समक्ष उपस्थित होकर संदेश सुनने का यह अवसर इन दीदियों के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत बनेगा। उन्होंने कहा कि जीविका की दीदियाँ इस विकास के क्षण का साक्षी बनने और अपने जिले की उन्नति में योगदान करने के लिए तत्पर हैं।
Darbhanga AIIMS बन जाने के बाद गंभीर बिमारियों के इलाज के लिए पटना-दिल्ली नहीं जाना होगा
वहीं, संचार प्रबंधक राजा सागर ने बताया कि यह एम्स परियोजना दरभंगा और इसके आस-पास के जिलों के लिए एक वरदान सिद्ध होगी। एम्स बनने से उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवाएं उत्तर बिहार में ही उपलब्ध होंगी, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अब पटना, दिल्ली या अन्य बड़े शहरों की ओर रुख करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
Darbhanga AIIMS Bhoomi Pujan: रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे
इस नए स्वास्थ्य संस्थान के निर्माण से उत्तर बिहार के लोगों को चिकित्सा सेवाओं में व्यापक सुधार का लाभ मिलेगा। दरभंगा में एम्स का निर्माण न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार करेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और विकास की संभावनाओं को भी बढ़ायेगा। नए संस्थान के बनने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय रोजगार के कई अवसर उत्पन्न होंगे, जो क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने में सहायक होंगे।
सरकार का यह कदम उत्तर बिहार के विकास और चिकित्सा क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ेगा। स्थानीय निवासियों के लिए यह एक सपना सच होने जैसा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस शिलान्यास कार्यक्रम को लेकर पूरे जिले में एक उत्सवी माहौल है,जो विकास, रोजगार, और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
